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गोरखपुर को 2027 तक बाल श्रम मुक्त बनाने की तैयारी तेज
- दैनिक लोक भारती
- 24 Jul, 2026
एडीएम सिटी की अध्यक्षता में टास्क फोर्स बैठक, 1 जुलाई से 31 अगस्त तक विशेष अभियान पर जोर
गोरखपुर। जनपद को वर्ष 2027 तक बाल श्रम मुक्त बनाने के लक्ष्य को लेकर प्रशासन ने तैयारी तेज कर दी है। इसी क्रम में शुक्रवार को अपर जिलाधिकारी (नगर) गोरखपुर की अध्यक्षता में बाल श्रम टास्क फोर्स की बैठक वर्चुअल माध्यम से आयोजित की गई। बैठक में 1 जुलाई 2026 से 31 अगस्त 2026 तक चलाए जा रहे बाल श्रम उन्मूलन एवं पुनर्वास विशेष अभियान की प्रगति और आगे की कार्ययोजना पर विस्तृत चर्चा हुई।
बैठक प्रमुख सचिव, श्रम, उत्तर प्रदेश शासन के निर्देश पर आयोजित की गई, जिसमें विभिन्न विभागों की जिम्मेदारियों को स्पष्ट करते हुए समन्वित कार्रवाई पर जोर दिया गया। बैठक में कहा गया कि बाल श्रम के उन्मूलन के लिए केवल श्रम विभाग ही नहीं, बल्कि शिक्षा, पंचायत, पुलिस और सामाजिक कल्याण समेत सभी संबंधित विभागों को मिलकर कार्य करना होगा।
अपर जिलाधिकारी (नगर) ने निर्देश दिए कि बाल श्रम के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए ग्राम स्तर पर ग्राम विकास अधिकारी, ब्लॉक स्तर पर खंड विकास अधिकारी तथा तहसील स्तर पर तहसीलदार को उनके-उनके क्षेत्र में नोडल अधिकारी नामित किया जाए। इससे निगरानी व्यवस्था को मजबूत किया जा सकेगा और बाल श्रम के मामलों में त्वरित कार्रवाई संभव होगी।
बैठक में यह भी निर्देशित किया गया कि बाल श्रमिकों की पहचान कर उन्हें तत्काल श्रम से मुक्त कराते हुए उनके पुनर्वास की समुचित व्यवस्था की जाए। इसके लिए शिक्षा विभाग को ऐसे बच्चों का स्कूलों में नामांकन सुनिश्चित कराने और समाज कल्याण विभाग को विभिन्न योजनाओं के माध्यम से सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए।
अध्यक्षता कर रहे एडीएम सिटी ने सभी अधिकारियों से अपील की कि यदि कहीं भी बाल श्रम की सूचना मिले तो तत्काल 1098 (चाइल्ड हेल्पलाइन), श्रम विभाग, पुलिस विभाग या बाल कल्याण समिति को सूचित करें, ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके। उन्होंने कहा कि जनजागरूकता बढ़ाना भी इस अभियान का महत्वपूर्ण हिस्सा है, जिससे समाज के सहयोग से इस कुप्रथा को समाप्त किया जा सके।
बैठक में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, सभी खंड शिक्षा अधिकारी, खंड विकास अधिकारी, एएचटीयू (एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट), जिला समाज कल्याण अधिकारी, जिला पूर्ति अधिकारी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। इसके अलावा मानव सेवा संस्थान और सेफ सोसाइटी जैसे गैर सरकारी संगठनों के प्रतिनिधियों ने भी बैठक में भाग लिया और अपने सुझाव प्रस्तुत किए।
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